सूरजपुर। जिले में जारी धान खरीदी व्यवस्था की लगातार समीक्षा किए जाने के बावजूद धान के उठाव की स्थिति चिंताजन बनी हुई है।

धान खरीदी के बीच कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन द्वारा राइस मिलर्स की बैठक लेकर धान उठाव में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे,

लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है।

विगत दिनों कलेक्टर सूरजपुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में खाद्य विभाग, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, एफसीआई के प्रतिनिधि एवं जिले के राइस मिलर्स उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर ने दो टूक कहा था कि धान खरीदी केंद्रों से समय पर उठाव नहीं होने की स्थिति में व्यवस्था प्रभावित होगी,

इसलिए सभी मिलर्स को धान उठाव में तेजी लानी होगी। इसके बावजूद जिले के अधिकांश सहकारी धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव या तो नहीं हो पा रहा है या बेहद धीमी गति से किया जा रहा है।

धान उठाव में लापरवाही से बिगड़ी व्यवस्था

धान की बंपर खरीदी के चलते केंद्रों पर भंडारण की समस्या गंभीर होती जा रही है। खरीदी केंद्रों में खुले आसमान के नीचे धान रखा जा रहा है, जिससे धान के सूखने एवं खराब होने की आशंका बनी हुई है।

स्थिति यह है कि केंद्र प्रबंधकों को अतिरिक्त स्थान बनाकर धान को व्यवस्थित रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

धान उठाव की धीमी रफ्तार से किसान और खरीदी केंद्रों के प्रबंधक दोनों ही परेशान नजर आ रहे हैं।

प्रबंधकों को आशंका है कि यदि जल्द उठाव नहीं हुआ तो धान की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, वहीं प्रबंधकों पर व्यवस्था संभालने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

कुछ दिन पूर्व सूरजपुर जिला समिति कर्मचारी संघ द्वारा भी धान उठाव में तेजी लाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन ज्ञापन दिए जाने के लगभग एक सप्ताह बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।

अब आवश्यकता है कि जिला प्रशासन धान उठाव को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए

और राइस मिलर्स पर प्रभावी नियंत्रण बनाए। अन्यथा लगातार हो रही खरीदी के चलते खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाएं और अधिक बिगड़ सकती हैं, जिसका सीधा असर किसानों और कर्मचारियों पर पड़ेगा।

error: Content is protected !!