सूरजपुर।
CG VYAPAM द्वारा आयोजित CG TET (प्राइमरी कक्षा 1 से 5) परीक्षा के दौरान सूरजपुर स्थित पंडित रेवती रमण मिश्र महाविद्यालय में प्रशासनिक सख्ती छात्रों के लिए बड़ी परेशानी बन गई।
महज 3 से 5 मिनट की देरी के चलते दूर-दराज से पहुंचे दर्जनों परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया गया, जबकि परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे था।

सरगुजा संभाग एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और सूरजपुर जिला बिहारपुर, प्रतापपुर, प्रेमनगर, वाड्रफनगर जैसे दूरस्थ अंचलों तक फैला हुआ है। कड़ाके की ठंड और खराब सड़कों के बीच लंबा सफर तय कर आए परीक्षार्थी प्रवेश पत्र में दर्ज समयानुसार 9:00 बजे के कुछ ही मिनट बाद परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन गेट बंद कर दिए जाने के कारण वे बाहर ही रह गए।

परीक्षा केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग पर पानी का जमाव और कीचड़ भी देखने को मिला परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद केंद्र अध्यक्ष ने परीक्षार्थियों के निवेदन को स्वीकार नहीं किया।

नियमों के दोहरे पालन पर उठे सवाल
केंद्र अध्यक्ष ने परीक्षार्थियों को बताया कि 9:00 बजे गेट की वीडियोग्राफी कर शटर बंद कर दी गई, जिसके बाद किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह 9:15 बजे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी शटर खोलकर बाहर आते-जाते और चाय पीते हुए नजर आए।

वहीं महाविद्यालय के कर्मचारी भी अंदर-बाहर होते दिखे। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है

कि—
क्या नियम केवल परीक्षार्थियों के लिए ही सख्ती से लागू किए गए?
दूरस्थ क्षेत्रों से आए परीक्षार्थियों की पीड़ा
परीक्षार्थियों ने बताया कि कोई सीतापुर, कोई बिहारपुर तो कोई वाड्रफनगर से कई किलोमीटर की दूरी तय कर परीक्षा केंद्र पहुंचा था। छात्रों का कहना है कि यह सरकारी नौकरी की सीधी परीक्षा नहीं बल्कि पात्रता परीक्षा (CG TET) थी, ऐसे में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए था।

नवजात शिशु के साथ आई परीक्षार्थी भी रह गई बाहर
सूरजपुर जिले के सपकरा गांव की रहने वाली दुर्गा राजवाड़े ने बताया कि वह 18 दिन की नवजात बच्ची को साथ लेकर लगभग 30 किलोमीटर का सफर तय कर परीक्षा देने पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “मैं 9:05 बजे केंद्र पहुंची थी, लेकिन शटर बंद कर दिया गया। जबकि परीक्षा 9:30 बजे प्रारंभ होनी थी बार-बार अनुरोध के बावजूद गेट नहीं खोला गया। बच्चे को लेकर इतनी दूर से आई, फिर भी परीक्षा से वंचित कर दी गई।”
निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों में नाराजगी देखी गई। छात्रों ने CG व्यापम और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, केंद्र स्तर पर हुई लापरवाही की समीक्षा और भविष्य में परीक्षाओं में मानवीय व व्यावहारिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

