सूरजपुर/:–* अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर सूरजपुर के रंगमंच में आयोजित सम्मान समारोह उस समय विवादों से घिर गया जब दिव्यांग संघ के उपाध्यक्ष को प्रशासन ने कार्यक्रम में प्रवेश नहीं करने दिया। घटना के बाद पूरे जिले में प्रशासनिक रवैये और दिव्यांग कल्याण व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

*कार्यक्रम में जाने से रोका गया दिव्यांग प्रतिनिधि*
दिव्यांग संघ के उपाध्यक्ष सोनू कुमार साहू,निवासी डबरीपारा,अपने कई वर्षों से लंबित मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से मुलाकात करने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें समारोह में जाने से रोक दिया और बाहर जाने को कहा।
*चुप कराने का आरोप,वीडियो से बढ़ी चर्चा*
सोनू कुमार साहू ने बताया कि जब उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए,तो प्रशासनिक कर्मचारियों ने उनके मुंह को हाथ से दबाकर चुप कराने की कोशिश की। इस तरह के व्यवहार को उन्होंने अमानवीय, असंवेदनशील और दिव्यांगों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया।

*जब दिव्यांग ही सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सकते, तो आयोजन किसके लिए?*
उपाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि वास्तविक दिव्यांगों की आवाज दबाई जा रही है और उन्हें ही कार्यक्रम से दूर रखा जा रहा है, तो दिव्यांग सम्मान समारोह का उद्देश्य क्या रह जाता है?
उन्होंने कहा कि हम अपनी समस्या, अपनी मांग, अपनी पीड़ा जिम्मेदारों तक नहीं पहुंचा सकते, तो यह समारोह केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
*फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी पाने का आरोप*
उपाध्यक्ष ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि
कई लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरियों का लाभ उठा रहे हैं, जबकि वास्तविक दिव्यांग दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने इस मामले में तत्काल जांच की मांग की है।

*प्रशासन की चुप्पी ने बढ़ाया विवाद*
घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इससे मामले पर चर्चा और गहरा गई है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए तथ्यों की पारदर्शी जांच की मांग की है।
