सूरजपुर। जिले के सावारावा धान उपार्जन केंद्र में 32,838 क्विंटल धान की गड़बड़ी उजागर होने के बाद प्रशासनिक सख्ती के दावे कठघरे में खड़े दिखाई दे रहे हैं। कलेक्टर द्वारा जिम्मेदारों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद 14 दिन बीत जाने पर भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होना पूरे तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है।

भौतिक सत्यापन के दौरान धान स्टॉक और अभिलेखों में भारी अंतर पाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने विलंब न करते निर्देश दिए थे कि जांच के दायरे में धान खरीदी प्रबंधक विभु प्रताप सिंह तथा खरीदी प्रभारी रिजवान खान का नाम सामने आया है, किंतु अब तक कोई विधिक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई है।

आदेश जारी, अमल शून्य

कलेक्टर का निर्देश स्पष्ट था कि अनियमितता के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए। लेकिन संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन न किया जाना प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। यदि आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो इससे शासन-प्रशासन की साख प्रभावित होना स्वाभाविक है।

एक जिले में दो तस्वीरें

उमेश्वरपुर धान खरीदी केंद्र में अनियमितता सामने आते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। वहीं सावारावा मामले में लंबित कार्रवाई यह संकेत देती है कि कहीं न कहीं कार्यवाही प्रक्रिया में गंभीर ढिलाई है। एक ही जिले में अलग-अलग रवैये जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका हैं।

किसानों का डगमगाता भरोसा

धान खरीदी प्रक्रिया पहले ही तकनीकी समस्याओं और कई कारणों के कारण देरी जैसे मुद्दों से घिरी रही है। अब इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने और उस पर भी समयबद्ध कार्रवाई न होने से किसानों का विश्वास प्रभावित हो रहा है। किसानों का मानना है कि यदि निगरानी और जवाबदेही सख्त हो, तो इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न ही नहीं हो।

जवाबदेही तय होगी या नहीं?

करोड़ों रुपये मूल्य के धान से जुड़े इस प्रकरण में खाद्य विभाग और सहकारी बैंक प्रबंधन की ओर से अब तक स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आदेशों का पालन समय पर नहीं होता, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

अब जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कब तक इस मामले में ठोस कदम उठाता है और जिम्मेदारों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

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