सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के नवगठित जिलों में शामिल सूरजपुर को अस्तित्व में आए लगभग डेढ़ दशक बीत चुके हैं, लेकिन आज भी शहर आधुनिक यातायात व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है। वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा जिले की घोषणा किए जाने के बाद 1 जनवरी 2012 को सूरजपुर जिला अस्तित्व में आया था। जिले के गठन के साथ लोगों ने सुव्यवस्थित शहर, बेहतर यातायात व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं की उम्मीद की थी, लेकिन 15 वर्ष बाद भी शहर ट्रैफिक सिग्नल जैसी आवश्यक व्यवस्था से वंचित है।

लगातार बढ़ती आबादी, शहर का विस्तार और वाहनों की संख्या में हो रही बेतहाशा वृद्धि ने सूरजपुर की सड़कों पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ा दिया है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने के कारण हर दिन अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। कई बार छोटी सी चूक बड़े सड़क हादसों का कारण बन जाती है।

विशेष रूप से बुधवार और रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान शहर की स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। बाजार क्षेत्र में चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जहां पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। वाहनों, दोपहिया चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ट्रैफिक नियंत्रण के अभाव में कई बार विवाद की स्थिति तक निर्मित हो जाती है।

शहर के चारों ओर बने रिंग रोड और मुख्य मार्गों का उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना था, लेकिन बिना ट्रैफिक सिग्नल और प्रभावी यातायात प्रबंधन के यह व्यवस्था अधूरी साबित हो रही है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएं, तो यातायात काफी हद तक व्यवस्थित हो सकता है और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी लाई जा सकती है।

जनहित से जुड़ा यह मुद्दा अब केवल सुविधा का नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा का विषय बन चुका है। नागरिकों का मानना है कि ट्रैफिक सिग्नल लगने से वाहन चालक नियमों का पालन करेंगे, अनावश्यक जाम से राहत मिलेगी और शहर में सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।

तेजी से विकसित हो रहे जिला मुख्यालय में आज भी आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि बढ़ती यातायात समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके और सूरजपुर को एक व्यवस्थित एवं सुरक्षित शहर के रूप में विकसित किया जा सके।

error: Content is protected !!