सूरजपुर। जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़ी उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने लंबे समय से लंबित कमीशन राशि और अन्य देय भुगतानों को लेकर खाद्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। छत्तीसगढ़ शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक विक्रेता कल्याण संघ, जिला-सूरजपुर ने जिला खाद्य अधिकारी को आवेदन सौंपकर मांग की है कि राशन दुकानदारों को कमीशन राशि, वित्तीय पोषण राशि सहित सभी देय मदों का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।
संघ द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि जिले के अधिकांश उचित मूल्य दुकान संचालकों की कमीशन राशि कई-कई महीनों तक लंबित रहती है। भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण दुकानों में खाद्यान्न का समय पर भंडारण नहीं हो पाता, जिससे राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है और उपभोक्ताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दुकानदारों को राशनकार्ड धारकों की नाराजगी और खरी-खोटी तक सुननी पड़ती है।

संघ ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि खाद्यान्न भंडारण में देरी का प्रमुख कारण डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) राशि समय पर जमा न होना बताया जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए जिला संघ ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अगस्त 2026 से प्रत्येक उचित मूल्य दुकान संचालक द्वारा हर माह की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से डीडी राशि जमा करने का प्रस्ताव रखा है।
संघ ने खाद्य विभाग से आग्रह किया है कि जो संचालक निर्धारित तिथि तक डीडी राशि जमा करें, उनकी अलग सूची तैयार कर कमीशन राशि, वित्तीय पोषण राशि, बारदाना राशि, अतिरिक्त मार्जिन राशि, नमक मद, एमडीएम, पूरक पोषण आहार, निःशुल्क वितरण राशि सहित सभी देय मदों का भुगतान समय पर किया जाए।
10 तारीख तक डीडी जमा करने वालों को समय पर भुगतान की मांग, लंबित राशि से सार्वजनिक वितरण व्यवस्था प्रभावित*
आवेदन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई संचालक 10 तारीख तक डीडी राशि जमा नहीं करता है, तो उसकी कमीशन राशि रोके जाने की स्थिति में संबंधित संचालक स्वयं जिम्मेदार होगा। संघ ने विभाग से प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।

इस आवेदन की प्रतिलिपि जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, सूरजपुर को भी भेजी गई है। राशन दुकानदारों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई, तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावित हो सकती है। अब देखना होगा कि खाद्य विभाग इस प्रस्ताव पर कितनी शीघ्रता से निर्णय लेकर राशन दुकानदारों को राहत प्रदान करता है।
