सूरजपुर। जिस हृदयविदारक दोहरे हत्याकांड ने पूरे सूरजपुर जिले को झकझोर कर रख दिया था, उस मामले में अब न्यायिक प्रक्रिया एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की निर्मम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब सबकी निगाहें 8 अक्टूबर को होने वाली सजा पर सुनवाई पर टिकी हैं। वहीं, प्रधान आरक्षक उदय सिंह पर वाहन चढ़ाकर जान से मारने के प्रयास के मामले में आरोपी कुलदीप साहू को अदालत ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

13 अक्टूबर की वह काली रात, जिसने पूरे सूरजपुर को झकझोर दिया
13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर के इतिहास में एक ऐसी दर्दनाक घटना के रूप में दर्ज हो गई, जिसे शायद ही कोई भुला सके। प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी बेटी की हत्या की खबर ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया था। एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं और मां-बेटी की असमय मौत ने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया था। इस घटना के बाद जिलेभर में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया था। आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने विरोध-प्रदर्शन भी किए थे।

चार आरोपियों का दोषसिद्ध, अब न्यायालय की सजा का इंतजार
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोहरे हत्याकांड के चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, परिवार के लिए अपनी पत्नी और बेटी को खोने का दर्द कभी कम नहीं हो सकता। अब 8 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में अदालत दोषियों को दी जाने वाली सजा पर फैसला करेगी। पूरे जिले की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

अदालत परिसर में उमड़ी भीड़, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत के फैसले की जानकारी लेने के लिए कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। लोगों के चेहरों पर घटना को लेकर पुराना आक्रोश और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद साफ नजर आ रही थी।

कोर्ट से बाहर निकलते समय कैमरे में कैद हुआ कुलदीप साहू
अदालत की कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को जब कोर्ट परिसर से बाहर लाया जा रहा था, उस दौरान वह कैमरे के सामने मुस्कुराते और पोज देते हुए नजर आया। उसका यह व्यवहार वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इतनी गंभीर घटना के बाद आरोपी का इस तरह कैमरे के सामने नजर आना लोगों की नाराजगी का कारण बना।
8 अक्टूबर पर टिकी निगाहें, पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद
दोहरे हत्याकांड में चार आरोपियों के दोषी ठहराए जाने के बाद अब 8 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। पीड़ित परिवार के लिए यह केवल एक अदालती फैसला नहीं, बल्कि अपने प्रियजनों को खोने के बाद न्याय की लंबी प्रतीक्षा का अहम पड़ाव है। मां और बेटी की दर्दनाक मौत से उपजे जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे, लेकिन दोषियों को सजा मिलने से न्याय की उम्मीद को मजबूती मिल सकती है। अब देखना होगा कि अदालत दोषियों को क्या सजा सुनाती है।
