सूरजपुर। अमेरिका–ईरान–इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। देशभर में घरेलू एवं कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों के बीच छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भी गैस संकट लगातार गहराता जा रहा है। स्थिति ऐसी बन गई है कि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा, जबकि दूसरी ओर कालाबाज़ारी और अवैध विक्रय के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कुछ गैस एजेंसियों से जुड़े भरोसेमंद व्यक्तियों द्वारा घरेलू एवं कमर्शियल गैस सिलेंडरों का खुलेआम अवैध विक्रय किया जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जो घरेलू गैस सिलेंडर सामान्यतः 1000 से 1200 रुपये तक मिलता है, वही ब्लैक में 2000 से 2500 रुपये तक बेचा जा रहा है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी अवैध रूप से 3500 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई है।

आम लोगों का कहना है कि एक ओर जरूरतमंद उपभोक्ता गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों तक आसानी से बड़ी संख्या में सिलेंडर पहुंचना संदेह को जन्म देता है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर वितरण व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और जिम्मेदार विभाग अब तक कार्रवाई से दूर क्यों है।

उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन, खाद्य विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जिले में संचालित गैस एजेंसियों की वितरण प्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा अवैध रूप से गैस बेचने वाले नेटवर्क पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि गैस वितरण प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर निर्धारित दर पर गैस उपलब्ध हो सके और कालाबाज़ारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

जिले में बढ़ती इस समस्या ने अब जनसरोकार का रूप ले लिया है। यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गंभीर हो सकता है तथा आम जनता की रसोई पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

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