सूरजपुर। प्रदेश में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि के विरोध में शिवसेना ने सोमवार को जिला प्रमुख विष्णु वैष्णव के नेतृत्व में कलेक्टर सूरजपुर को ज्ञापन सौंपकर बिजली की बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। संगठन ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच बिजली शुल्क में की गई वृद्धि आम जनता, किसानों, मजदूरों, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है।

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में शिवसेना ने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर कोयले का उत्खनन किया जाता है और इसी संसाधन से बिजली उत्पादन होता है। इसके बावजूद प्रदेशवासियों को लगातार महंगी बिजली का सामना करना पड़ रहा है, जो जनहित के विपरीत है।
शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी गई है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कृषि और लघु व्यापारिक क्षेत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह निर्णय आर्थिक परेशानियों को और बढ़ाने वाला साबित होगा।

संगठन ने मांग की कि बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए तथा प्रदेशवासियों को रियायती एवं सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए विशेष राहत योजना लागू करने, किसानों और छोटे व्यापारियों को बिजली दरों में विशेष छूट देने तथा बिजली दर निर्धारण में आम जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भी मांग की गई।
ऊर्जा उत्पादक राज्य में महंगी बिजली क्यों?” — बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग
शिवसेना ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश के नागरिकों को महंगी बिजली देना न्यायोचित नहीं है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ऐसा निर्णय लेना चाहिए जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
इस अवसर पर महिला जिलाध्यक्ष पिंकी पटेल, जिला सचिव डॉ. आर.एस., नगर प्रमुख साहिल, ब्लॉक प्रमुख मोहन सिंह टेकाम, महिला नगर प्रमुख रजनी सिंह, उमेश चंद्र लाल श्रीवास्तव, गौतम कुमार, बालेश्वर चौहान सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित रहे।
