सूरजपुर, नगर पालिका सूरजपुर क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहे CG Republic News की मुहिम का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। शहर के भट्ठापारा, अग्रेशन चौक, लंकापारा से मानपुर रिंग रोड सहित विभिन्न वार्डों में कुत्तों के झुंड द्वारा राहगीरों को दौड़ाने और काटने की घटनाओं से आमजन दहशत में था। इस गंभीर जनसमस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब पशुधन विकास विभाग ने श्वानों के स्टरलाइजेशन (नसबंदी) और रेबीज नियंत्रण के लिए विशेष अभियान प्रारंभ कर दिया है।
लगातार उठाया गया जनहित का मुद्दा

CG Republic News ने शहर में बढ़ रही कुत्तों की समस्या, प्रशासनिक उदासीनता और जनसुरक्षा के सवाल को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। नागरिकों ने बताया था कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आई थीं, जबकि रात के समय हालात और अधिक भयावह हो जाते थे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कार्रवाई
पशुधन विकास विभाग ने जानकारी दी है कि यह अभियान पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के सू-मोटो रिट-पिटीशन 2025 में दिए गए निर्देशों के परिपालन में की जा रही है। अभियान के तहत श्वानों की नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण और चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

रेबीज को लेकर चेतावनी
विभागीय विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज एक घातक और जानलेवा बीमारी है, जो मनुष्य एवं पशुओं के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। इसके प्रारंभिक लक्षणों में बुखार, सुस्ती, उल्टी और भूख न लगना शामिल हैं, जबकि गंभीर अवस्था में लकवा, सांस लेने में कठिनाई और आक्रामक व्यवहार देखने को मिलता है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी पशु द्वारा काटे जाने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोएं तथा चिकित्सक से परामर्श लेकर एंटी-रेबीज टीका अवश्य लगवाएं। साथ ही पालतू श्वानों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करें।
जनता की निगाहें प्रशासन पर

हालांकि अभियान की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन शहरवासियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल औपचारिक न रहे, बल्कि निरंतर और प्रभावी रूप से चलनी चाहिए। नियमित पकड़-धकड़, नसबंदी और टीकाकरण के माध्यम से ही इस समस्या पर स्थायी नियंत्रण संभव है।

CG Republic News आगे भी इस जनहित के मुद्दे पर अपनी नजर बनाए रखेगा, ताकि शहरवासियों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सके।
