सूरजपुर। जिले के लटोरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदरगंज के बथानपारा में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान हालात इस कदर बिगड़े कि उग्र भीड़ ने जेसीबी मशीन और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों को निशाना बनाते हुए जमकर पथराव कर दिया।

सूत्रों के अनुसार पथराव में सरकारी वाहनों के शीशे टूट गए, वहीं कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
बुलडोजर चला तो भड़की भीड़, देखते ही देखते हिंसा में बदला विरोध
बताया जा रहा है कि प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ अवैध कब्जे हटाने पहुंची थी। जैसे ही जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, अतिक्रमणकारियों ने एकजुट होकर विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विरोध उग्र हो गया और भीड़ ने टीम पर पत्थरों से हमला बोल दिया।

लाठी-डंडे चले, गांव में तनाव… पर पुलिस बनी रही “मूकदर्शक”!
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के समर्थन में खड़े ग्रामीणों और अतिक्रमणकारियों के बीच भी झड़प हो गई। दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
सबसे गंभीर बात यह रही कि मौके पर पुलिस बल मौजूद होने के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने में कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई, जिससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती, तो पथराव और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को रोका जा सकता था।

प्रशासनिक लापरवाही का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी संवेदनशील कार्रवाई के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

यदि प्रशासन को पहले से विरोध की आशंका थी, तो मौके पर अतिरिक्त बल, दंगा नियंत्रण उपकरण और स्पष्ट रणनीति क्यों नहीं बनाई गई?
राजस्व टीम मौके पर, हालात सामान्य करने की कोशिश
फिलहाल मौके पर राजस्व विभाग की टीम और प्रशासन स्थिति को संभालने में जुटा हुआ है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि—
क्या हमलावरों पर सख्त कार्रवाई होगी?
और क्या प्रशासन व पुलिस की लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी?

error: Content is protected !!