सूरजपुर/ जिले में प्रत्येक योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद को मिले लेकिन योजना के नाम पर इतनी भी लापरवाही नहीं हो कि उसका दुरुपयोग ही हो जाए।
ऐसा ही एक मामला सूरजपुर तहसील की ग्राम पंचायत देवीपुर में सामने आया है जहां अधिकारी-कर्मचारियों की गम्भीर लापरवाही सामने आई है।सरकारी छोटा झाड़ जंगल मद की भूमि पर पहले बनाया प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान, किस्त भी कर दी जारी फिर चला दी गई बुलडोजर।
प्रधानमंत्री आवास योजना से बने मकान पर चला बुलडोजर .
जिले के ग्राम देवीपुर में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा हटाने के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में बने संतोष कुमार के घर के एक हिस्से को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यह आवास सरकारी छोटा झाड़ जंगल मद की भूमि में 2017 में बनाया गया था. इस आवास के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना से किस्तें भी जारी हो चुकी थी. इसको जमींदोज करने की कार्रवाई में प्रधानमंत्री आवास में किए जा रहे गड़बड़ियों की पोल खुल गई है।

गांव में आवास योजना में गड़बड़ी के कई और हैं मामले
प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान को अपात्रों को देने के कई मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी जमीन पर मकान बना दिए गए। विभाग के अफसरों एवं पंचायत ने भी आंखें बंद कर अनुदान बांट दिया। मकान बन जाने के कई वर्षों बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाती है जहां बीते दिनों विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था। इस दौरान पाया गया कि सरकारी छोटा झाड़ जंगल की भूमि पर भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बन गए है।
*क्या अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ भी की जाएगी कारवाई
गरीब एवं कम पढ़े लिखे ग्रामीण तो नियम कानून एवं कानून की बारीकियों से अनजान होते हैं लेकिन विभागीय जिम्मेदार तो हर नियम कानून की जानकारी रखते हैं फिर भी चौंकाने वाली बात यह है कि जिम्मेदार सरकारी छोटा झाड़ की जंगल की भूमि पर मकान बनवा रहे हैं और जमीन की फर्जी रिपोर्ट लगा रहे हैं।
सरकारी जमीन पर किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है इसके बावजूद अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर आवास बनवा दिया। सरकारी जमीन को लाभार्थी की जमीन बताकर ग्राम पंचायत ने लाभार्थी को मकान बनाने की किस्तें भी जारी कर दी और अब वह निर्माण पूरा भी हो गया। कुछ मकान अधूरे बने कुछ मकानो के एक किस्त किसी के दो किस्त जारी कर दी गई मकान पूर्ण नहीं हुए। सरकारी पैसों के इस तरह की बंदरबांट से कई पात्र गरीब लोग योजनाओं से वंचित कर दिए जाते हैं। ऐसे में संबंधित विभाग पर सवालिया निशान लग रहा है।
क्या प्रशासन अनुदान देने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी या गरीब भूमिहीन लोग ही सारे नियम कानून के दायरे में आकर पिसते रहेंगे।
*लाभार्थी का क्या है कहना
सन 2017 में प्रधानमंत्री आवास के तहत मेरा मकान बनाया गया था अप्रैल 2023 में मेरे आवास पर बुलडोजर चला दी गई और एक हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया मैं भूमिहीन हूं और बारिश में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम सभा अध्यक्ष ने कहा .
मैं मौके पर जाकर एसडीएम एवं तहसीलदार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराया था कि बिना ग्राम सभा की सहमति के आप मकान पर बुलडोजर नहीं चला सकते सरगुजा अनुसूचित क्षेत्र है यहां पर पेसा कानून लागू है बीना ग्राम सभा के सहमति के कार्रवाई कर दी गई।:—जयनाथ केराम ग्राम सभा अध्यक्ष ग्राम पंचायत देवीपुर।

इस संबंध जिम्मेदार अधिकारी क्या कहते हैं
इस मामले की जांच कराई जाएगी कहीं भी कोई गड़बड़ी आवास योजना में पाई जाने पर संबंधित लोगों पर कार्यवाही की जाएगी।:–विनोद सिंह सीईओ जनपद पंचायत सूरजपुर जिला सूरजपुर।
